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May 17, 2012
| Author: ARVIND
| Source: ARVIND
शाम के धुधलके में इक तस्वीर नज़र आई
छू कर देखा तो यादो की जागीर नज़र आई
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May 16, 2012
| Author: दिलीप
| Source: दिल की कलम से...
जब दिन भर की मेहनत से हो कुछ बूँद पसीने की ढल्की...
जब चूल्हों मे सर्दी सी हो, और आँखों में बारिश हल्की...
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May 15, 2012
| Author: उमेश चतुर्वेदी
| Source: balliabole
राजनीतिक नफा-नुकसान के लिए
पाठ्यक्रमों का विरोध
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May 14, 2012
| Author: नीलांश
| Source: Abhishek_kavitayen
कुछ फूलों की महक से , क्या मिलेगा आपको
रूह को महकाइए ,जहां मिलेगा आपको
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May 13, 2012
| Author: chanchal chauhan
| Source: चंचल चौहान
ओम थानवी ने जनसत्ता के 29 अप्रैल 2012 कें अंक में लेखक संगठनों पर आरोप लगाया कि वे लेखकों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगाते हैं, और लेखकों को ऐसे संगठन बनाने के लिए 'कसूरवार' ठहराया। उनके झूठे आरोपों का जवाब देते हुए मैंने जो लेख जनसत्ता को ...
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May 12, 2012
| Author: नीलांश
| Source: Abhishek_kavitayen
न रकीब है कोई न हि दुश्मनी बेवजह
क्यूँ किसी बद ख्याली में रहे आदमी बेवजह
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May 12, 2012
| Author: रजनी मल्होत्रा नैय्यर
| Source: रजनी नैय्यर मल्होत्रा
शेखर जंक्शन पर दामिनी के आने का इंतजार रात के ग्यारह बज़े से ही कर रहा था , जैसे जैसे रात गहराती गयी स्टेशन की दुकाने बंद होती गयी और सन्नाटा पसरने लगा | रात के ठीक 1.30 बज़े इंटरसिटी एक्सप्रेस अपने समय पर पहुँच गयी , रात होने के कार ...
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May 9, 2012
| Author: रजनी मल्होत्रा नैय्यर
| Source: रजनी नैय्यर मल्होत्रा
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May 9, 2012
| Author: उमेश चतुर्वेदी
| Source: balliabole
जरूरी है बराबरी के आधार वाली बुनियादी शिक्षा
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May 8, 2012
| Author: आनन्द पाठक
| Source: गीत ग़ज़ल औ गीतिका
सोचता हूँ इस शहर में आदमी रहता किधर है ?
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May 3, 2012
| Author: Alokita
| Source: DEKHIYE EK NAJAR IDHAR BHI
तुझसे लिपट के........... तुझी में सिमट जाऊं
भुला के खुद को.......... तुझपे हीं मिट जाऊं
ये कैसी तेरी चाहत ? ये कैसा है प्यार सखे ?
मिट जाए पहचान भी नहीं मुझे स्वीकार सखे
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May 1, 2012
| Author: डा० व्योम
| Source: हिन्दी साहित्य
आज मजदूर दिवस के अवसर पर विश्व के समस्त श्रम साधको को समर्पित एक छन्द-
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Apr 27, 2012
| Author: ghatak.27@gmail.com
| Source: sameeksha
.....If You Love SomeoneTHE ORIGINAL QUOTEIf you love someone,Set her free...If she comes back, she's yours,If she doesn't, she never was....THE NEW VERSIONS R.....Pessimist:If you love someone,Set...
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Apr 27, 2012
| Author: venus****"ज़ोया"
| Source: Chaand ki Saheli****
इस जलती धुप में पल में सारा आलम गुलाबी हो गया …घर में कदम रखते ही देखा .इक गुलाबी सा ख़त धुप को जला रहा था .! हाथ छुते ही .लपक के दिल से लग गया ..पहचान लिया किधर से आया है ये ! वही नदी सी बल ख ...
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Apr 23, 2012
| Author: ghatak.27@gmail.com
| Source: sameeksha
Dear Friends,
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Apr 23, 2012
| Author: दिलीप
| Source: दिल की कलम से...
मैं रोऊँ तो खुदा हँसता रहे, तो क्या बुरा होगा...
ये कारोबार यूँ चलता रहे, तो क्या बुरा होगा...
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Apr 23, 2012
| Author: kedar
| Source: mankibaat
मेरा ही राज़दार मुझको आज छोड़ गया
आज मेरा भी भरोसा कहूँ तो तोड़ गया
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Apr 23, 2012
| Author: kedar
| Source: mankibaat
क्या मन नहीं होता औरत का
केवल जिश्म ही भाता है तुम्हें
अनेक बार कहा है मैंने तुमसे
मुझे सोते से मत जगाया करो
लेकिन तुम आते हो रात गए
पीकर गन्दी बदबू भरी शराब
तब तुम्हारा प्यार जाग पड़ता है
अचानक या ये तुम्हारी हवस है
जो ले आ ...
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Apr 21, 2012
| Author: sanjiv verma
| Source: हिन्द-युग्म
hindihindi.in.divyanarmada: दोहा सलिला: शब्दों से खिलवाड़- १ --संजीव 'सलिल': दोहा सलिला: शब्दों से खिलवाड़- १ संजीव 'सलिल' * शब्दों से खिलवाड़ का, लाइलाज है रोग.. कहें 'स्टेशन' आ गया, आते-जाते लोग. * 'पौधा...
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Apr 20, 2012
| Author: Alokita
| Source: DEKHIYE EK NAJAR IDHAR BHI
हमारे देश में हमेशा से असमानता को हटाये जाने का प्रयास होता रहा है लेकिन यह 'असमानता' जाने कबतक हमारे देश के अस्तित्व से चिपकी रहेगी ? कब तक भेद भाव का सामना करना पड़ेगा समाज के विभिन्न वर्गों को ? कभी जातियता , कहीं लिंग तो कभी अमीरी औ ...
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Apr 20, 2012
| Author: Harihar
| Source: हिन्द-युग्म
शब्दों के नर्तन से शापित
अंतर्मन शिथिलाया
लिखने को तो बहुत लिखा
पर कुछ लिखना बाकी है
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Apr 17, 2012
| Author: आलोक श्रीवास्तव
| Source: आपके जानिब....
इस साल की यह पहली प्रस्तुति “दोहे-दर्शन” (भाग-२) खास आपके जानिब..........
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Apr 15, 2012
| Author: आनन्द पाठक
| Source: गीत ग़ज़ल औ गीतिका
पागलों सी बात करता है
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Apr 13, 2012
| Author: सूर्यकान्त गुप्ता
| Source: उमड़त घुमड़त विचार
बहुत दिनों से मेरे अंतरजाल में फोंट की समस्या उत्पन्न होने या यूँ कहें कि नेटवर्किंग के बारे में अपने अल्प ज्ञान के कारण एक भी पोस्ट नहीं लिख पाया. पोस्ट के बदले "रचना" अरे अरे अरे ... भाषा विज्ञान अथवा साहित्य ...
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Apr 9, 2012
| Author: venus****"ज़ोया"
| Source: Chaand ki Saheli****
समेट के भेज रही हूँ सुबह सुबह की बारिश
मेरे इक ख़त में
कुछ बूदें ...कुछ लड़ियाँ पानीयों से सनी
महकती मिटटी की खुशबू ....कुछ हवाओं का सीलापन
इक सार गिरती बूंदों से बनी गले की माला
और रिमझिम -2 करती कानों में अटकी बूंदों की बालि ...
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Mar 11, 2012
| Author: डा० व्योम
| Source: हिन्दी साहित्य
-भवानी प्रसाद मिश्र
वस्तुतः
मैं जो हूँ
मुझे वहीं रहना चाहिए
यानी
वन का वृक्ष
खेत की मेड़
नदी की लहर
दूर का गीत
व्यतीत
वर्तमान में
उपस्थित भविष्य में
मैं जो हूँ मुझे वहीं रहना चाहिए
तेज गर्मी
मूसलाधार वर्षा
कड़ाके की सर्दी
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Mar 3, 2012
| Author: सूर्यकान्त गुप्ता
| Source: उमड़त घुमड़त विचार
होलिका दहन पर्व के कई मत, मतांतर हैं। इसे मुख्य रूप से हिरण्य कश्यप की बहन होलिका के दहन का दिन माना जाता है, वहीं शास्त्रों में कई तरह के मत दिए गए हैं। फाल्गुन शुक्ल अष्टमी से पूर्णिमा तक आठ दिन होलाष्टक के बाद होलिका दहन ...
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Jan 31, 2012
| Author: arvind
| Source: क्रांतिदूत
कह दो दिल से कैसे मानू
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Dec 30, 2011
| Author: arvind
| Source: क्रांतिदूत
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Dec 18, 2011
| Author: Aditya Tikku
| Source: अंतर्द्वंद
इच्छा – उठो, उठो। क्या सरकार की तरह हर समय सोते रहते हो। कभी तो कुछ काम भी कर लिया करो।
विकास – उठ गया भाग्यवान। सो नहीं सोच रहा था, विश्वास रखो।
इच्छा – एक बार विश्वास किया तो अभी तक भुगत रही हूं, वैसे किसी ने सही ही कहा है, विश्वास ...
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